Suhagrat Me Pati Kya Kare

Suhagrat Me Pati Kya Kare

suhagrat.co.in

सुहागरात में पति क्या करे?

अपनी नवविवाहिता पत्नी के मन-मंदिर में आत्मीयता स्थापित करना, पत्नी के दिल को जीतना, उसके दिल का राजा बनना, पत्नी की दृष्टि में एक विश्वासपात्र मनोनुकूल पति बनना आदि।
हिटलर एक ऐसा व्यक्ति था, जो किसी के भी सिर को धड़ से अलग करने में तनिक भी नहीं हिचकिचाता था। परन्तु यह सबको मालूम नहीं कि हिटलर एक बिल्ली या बिल्ली के बच्चे से वैसे ही डरता था, जैसे कि आप और हम शेर से डरते हैं। हिटलर की युद्ध में हार इसलिए हुई थी कि विपक्षी ने अपने जहाज के सामने वाले भाग में बिल्लियों को छोड़ रखा था। विपक्षी को हिटलर की यह कमजोरी ज्ञात थी।

दरअसल जब हिटलर बच्चा था, तभी एक बिल्ली उस पर झपटी थी, जिससे वह बुरी तरह भयभीत हो गया था और यह भय उसके दिल दिमाग में अदंर तक जीवनभर के लिए बैठ गया था। इतना बड़ा खूंखार हो जाने के बाद भी वह बिल्ली से डरता था।
इसलिए एक पति अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ कोई भी ऐसा कदम न उठाये कि जिसकी छाप उसके दिल पर जीवनभर के लिए पड़ जाये। ऐसा अधिकारपूर्ण कोई कदम न उठायें, जिससे वह भयभीत हो जायें अथवा संभोग के प्रति कोई ऐसा कदम न उठायें कि उसे जीवनभर के लिए संभोग के नाम ही घृणा हो जाये।

पति को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए :-

Suhagrat Me Pati Kya Kare

1. सामान्य नियम यह है कि- विवाह के बाद तीन रात पति-पत्नी ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। बिना नमक आदि का सात्विक भोजन करते हैं। जमीन पर सोते विधान है।

2. कुछ क्षेत्रों में अपनी प्रथा के अनुसार- उपरोक्त अवधि तीन दिन के बदले सात दिन की तो कुछ क्षेत्रों में 10 दिन की होती है। अर्थात् इस अवधि में उपरोक्त सात्विक आहार लिया जाता है और ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है।

3. यह अवधि- 3 रात्रि (4 दिन) का हो या 7 दिन का अथवा 10 दिन का, पर एक न एक दिन इस अवधि के समाप्ति के बाद पति-पत्नी का मिलन तो अवश्य ही होता है। इस प्रथम मिलन की रात को ही ‘सुहागरात’ कहते हैं।
इस मिलन का पति-पत्नी दोनों के जीवन में बहुत महत्व होता है। दो जिस्म मिलकर एक जान हो जाते हैं। इस मिलन के बाद ही दोनों के नये जीवन का प्रारम्भ होता है।
हाइड्रोजन और ऑक्सीजन अलग-अलग तो निरी आंखों से देखा नहीं जा सकता है, लेकिन इन दोनों के मिल जाने से पानी(जल) के रूप में, साकार तरल रूप में दृष्टिगोचर होता है, जो महत्वपूर्ण गुणों से युक्त होता है, जिनमें से ‘जीवनदायिनी शक्ति’ भी होती है।
ठीक इसी प्रकार पति-पत्नी विवाह से पूर्व कुछ और होते हैं और विवाह के बाद कुछ और होते हैं। अपने सदृश्य जीव को उत्पन्न करने की क्षमता विवाह के बाद ही प्राप्त होती है। विशेषकर सुहागरात के बाद ही, इसलिये इसका बहुत महत्व है।

4. पति को चाहिए कि सुहागरात में पत्नी के साथ कोई भी ऐसा कदम न उठाये, जिससे पत्नी की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

5. सर्वप्रथम पत्नी, जिसका श्रृंगार ही लज्जा है, उसके संकोच को दूर करने का धैर्य के साथ प्रयास करें। जल्दबाजी बिल्कुल न करें।

आप यह आर्टिकल Suhagrat.co.in पर पढ़ रहे हैं..

food for men sexual health
sexual health education
sexual health tips in urdu
sexual health tips for men
sexual health tips in tamil
sexual health tips for male
men’s sexual health
sexual health tips in hindi

6. याद रहे कि वह आपकी पत्नी है, जिसके साथ आपने पूरा जीवन गुजारना है। इसलिए सुहागरात में कोई जल्दबाजी न दिखाते हुए पत्नी से पहले गले मिलें, गले मिलते समय शरीर का ऊपरी भाग भी एक-दूसरे से मिले, इस बात का ध्यान रखें।

7. यदि पत्नी से पहले से ही परिचय हो तो बिजली के प्रकाश में गले मिलें और आलिंगन करें। यदि ऐसा नहीं हो, तो नीले रंग का बल्ब या जहां बिजली की सुविधा नहीं हो, नीले कांच वाली लालटेन की व्यवस्था घर में होनी चाहिए। प्रकाश की रोशनी धीमी हो।

यह भी पढ़ें- शीघ्रपतन

8. यदि पत्नी से पूर्व परिचय नहीं हो और पत्नी की आयु कम हो तो कमरे में अंधेरा कर लें। ऐसा करने से उसे शर्म कम आयेगी।

9. जब दोनों के बीच से शर्म दूर हो जाये, तो क्रमशः नीली रोशनी में और उजाले में भी ऐसा कर सकते हैं।

10. गले मिलना, आलिंगन आदि के साथ चुम्बन भी लेते रहें। केवल गाल में और धीरे-धीरे अन्य अंगों में भी ऐसे ही चुम्बन जैसे कि चुम्बन, चुम्बन ही नहीं, पति-पत्नि के बीच एक खेल भी हो। इन चुम्बनों के प्रभाव से पत्नी उत्प्रेरित होगी, तो दूसरी ओर संकोच एवं लज्जा भी दूर होगी।

11. सुहागकक्ष में पान, कोई मीठा फल जैसे-सेब, केला आदि का टुकड़ा अपने मुंह में लेकर पत्नी के मुंह में डालें। संभव है वह लेने को तैयार न हो तो आप उसे तिरस्कार या विरोध के अर्थ में न लें। यह संकोच का परिचय है। आप प्रेमपूर्वक आग्रह के साथ अपने मुंह में फल को डालकर मुंह से ही शेष भाग को उसके मुंह में डालें। जब वह फल लेने को तैयार हो जाये, तो मुंह में डालने के बहाने उसके अधरों को अपने अधरों के चुम्बन के अंदाज में स्पर्श करें। सकुचाकर पीछे हटे तो आलिंगन के अंदाज में बांहों में पकड़ कर पुनः ऐसा करें।
इस प्रकार आलिंगन, चुम्बन, अंगों का स्पर्श आदि बहाने से करते जायें। इससे निश्चित रूप से एक-दूसरे के बीच की दूरी कम होगी।

इन क्रियाओं के साथ-साथ कुछ प्रश्न भी करते जायें, जिनके उत्तर छोटे हों और पत्नी मात्र ‘हां’ या ‘न’ में सिर हिलाकर काम न चला सकें, जैसे आप पत्नी से पूछ सकते हैं..
1. आपको अपने मायके में सबसे अधिक कौन प्यार करते हैं? माता-पिता या दादा-दादी?

2. पढ़ाई-लिखाई का विषय क्या था? यही विषय आपने क्यों चुना?

3. इस गांव या शहर के बारे में आपने कभी सोचा था कि यहां आपकी शादी कभी होगी?

Suhagrat Me Pati Kya Kare

4. पिताजी के बारे में तो जानता हूं, परन्तु आपके चाचा(या बड़े भाई या परिवारजन्य अन्य के बारे में) कहां रहते हैं?

5. अपने मायके में भाई-बहनों से कभी झगड़ती भी थीं? मैं तो झगड़ना नहीं जानता हूं, फिर यहां पर किससे लड़ेंगी?(ऐसा मुस्कराहट और थोड़ी शरारत के साथ कहें)

6. अच्छा ये तो बताओ कि आप मेरे साथ रहना चाहोगी या मुझसे दूर?

7. आपके मायके में कुल कितने सदस्य हैं? उनमें से सबसे अच्छा व्यवहार आपको किसका लगता है?

8. आपकी सहेलियां कितनी हैं? उनके नाम क्या हैं? उनमें से कितनी की शादियां हो चुकी हैं?
इस प्रकार के आप प्रश्न पूछ सकते हैं। बस उद्देश्य यह होना चाहिए कि प्रश्न छोटे उत्तर वाले, पत्नी से संबंधित, पत्नी के लिए उत्तर देना सरल होना चाहिए। यदि उत्तर देते समय, उत्तर न देकर मात्र झुकी नजरों से देखती रहे, तो गुदगुदी करके उत्तर देने का आग्रह करें, खुद भी मुस्करायें।

9. याद रखें कि यदि आप डांट-फटकार आदि के आदी हों तो उसे भूल जायें। आप कठोर होकर मात्र अपने निर्णय के अनुसार संभोग तो कर लेंगे। यदि वह तैयार नहीं होगी तो संभव है कि आगे चलकर वह आपसे और संभोग से घृणा करेगी।

10. पत्नी बहुत ज्यादा शर्मिली हो तो आलिंगन, कुचमर्दन, स्तन के घुण्डी पर घर्षण, योनि स्पर्शन, नितम्बों पर हस्त संचालन आदि क्रम जारी रखें। 2-4 दिन में अवश्य ही पत्नी की शर्म भगाकर संभोगरत हो जायेंगे।

सेक्स से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए इस लिंक पर किलक करें..http://chetanonline.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *