Suhagrat Kaisi Hoti Hai

Suhagrat Kaisi Hoti Hai

सुहागरात कैसी होती है?

सुहागरात क्या होती है?

ज्यादातर लोगों का मानना या उनकी सोच केवल यही होती है कि पति-पत्नी के पहले शारीरिकि मिलन को ही सुहागरात कहते हैं। यानी विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच बनने वाला पहला शारीरिक संबंध सुहागरात है, जबकि यह एक गलत बात है।

सुहागरात को केवल सेक्स से तोलकर नापना या फिर इस रात को केवल सेक्स के नजरिए देखना, यह गलत होगा। सुहागरात में सेक्स हो, ऐसा जरूरी नहीं। इस रात को पति-पत्नी एक-दूसरे को सही से जानें व समझें। इस रात केवल दो जिस्मों का ही नहीं, बल्कि दो जिंदगियों का मिलन होता है। आपको इस रात जिंदगी ने प्यार की सौगात के रूप में एक प्यारा-सा साथी दिया होता है, इसलिए आपको चाहिए कि इस रात को इतनी हसीन रात बनाएं कि जिंदगी भी झूम उठे और आपकी यह सुहागरात एक यादगार रात बनकर रह जाए।

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पुरूषों के लिए सुहागरात टिप्स :

Suhagrat Kaisi Hoti Hai

ज्यादातर देखा गया है कि पुरूष सुहागरात को लेकर बहुत ज्यादा उत्सुक और उलझन में होते हैं। सुहागरात में क्या करें, कैसे करें, हो पायेगा या नहीं हो पायेगा, ऐसी ही कई बातों को लेकर उनके मन में परेशानी बनी रहती है। अगर आपकी शादी अरेंज्ड हुई है, तो सर्वप्रथम पुरूष यानी पति को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि आपकी विवाहिता पत्नी यानी दुल्हन पहली बार किसी पुरुष के साथ एक ही कमरे में है, वो भी अकेले। ऐसे में दुल्हन के मन में डर व घबराहट होना स्वाभाविक है। अपनी पत्नी को सहजता का अनुभव कराने के लिए पति को चाहिए कि वह कमरे के अंदर माहौल को आरामदेह और अनुकूल बनाने का प्रयास करे। इसके लिए शुरूआत बातचीत और दोस्ती से की जाए तो बहुत अच्छा है।

पति-पत्नी दोनों बिना एक-दूसरे को टच किए प्यार भरी रोमांटिक बातें करें। अपनी बातों में छिपे प्रेम को एक-दूसरे के दिलों तक पहुंचाने का प्रयत्न करें। दिल से एक-दूसरे का स्वागत करें अपनी जिंदगी में। सबसे अहम बात पत्नी की घबराहट दूर करने की कोशिश करें।

जब लगे कि पत्नी धीरे-धीरे खुलने लगी है और बातचीत से दोस्ताना व्यवहार झलक रहा है, पत्नी का हाथ पकड़ कर, उन्हें विश्वास दिलायें कि उनकी उपस्थिति केवल उस कमरे में या घर में ही नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी में भी बहुत मायने रखती है। आप उन्हें पाकर बहुत खुश हैं। आपको उनका साथ बहुत अच्छा लग रहा है। इसके बाद उनकी खूबसूरती की तारीफ भी करें।

इस रात को धीरे-धीरे आगे बढ़ने दें, क्योंकि यह लम्हा, यह पल जो इस वक्त गुजर रहे होते हैं, वो फिर कभी नहीं आने वाले हैं और इसका असर सारी जिंदगी रहने वाला है, इसलिए इस रात को अपनी पत्नी के साथ प्यार से और नरमी से पेश आयें। अपने व्यवहार को दोस्ताना बनाये रखें।

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लड़कियों के लिए सुहागरात के टिप्स :

यदि आपका विवाह आपकी इच्छानुसार हुआ है तब तो हो सकता है आपको कोई भी चिंता या घबराहट न हो। आपकी शादी अपनी मर्जी से हुई है, तब तो आप बहुत खुश होंगे इस रात को लेकर। यह भी संभव है कि आपने शादी से पहले पति से अपने पास्ट के बारे में भी बातचीत की हो। अगर नहीं की है, तो अब शादी के बाद ऐसा बिल्कुल न करें। अपने साथी को और अपने साथी के साथ अपने रिश्तों को पहले सही से समझें और जानें। रिश्तों में गहराई आने के बाद ही कुछ कहें।

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आप भी कोशिश करें कि यह रात एक यादगार रात बन जाये। इसके लिए इस रात आप भी अपना पूरा सहयोग करें, लेकिन धीरे-धीरे। इस बात का विशेष ख्याल रखें कि सुहागरात में जितना महत्व बाॅडी लैंग्वेज का होता है, उतना शायद अकेले शब्दों का नहीं होता। इसलिए आप अपनी बाॅडी लैंग्वेज से भी पति को अपनी हां या ना का अहसास करा सकती हैं। आपको आनंद आ रहा है या नहीं आ रहा या फिर आप उनसे कैसी रोमांटिक प्रतिक्रिया चाह रही हैं, इन सब बातों का एहसास उन्हें अपनी बाॅडी लैंग्वेज से करा सकती हैं। आप भले ही अपने उनको पहले से जानती हों, मगर फिर भी मन में एक झिझक होगी। जब आप उन्हें जानती थीं, तब एक लड़की थीं। मगर अब आप एक दुल्हन हैं।

अगर आप अपने पति से पहले कभी नहीं मिलीं और पूरी तरह उनसे अंजान हैं, तो ऐसी स्थिति में स्वाभाविक है कि आपके मन में घबराहट और डर होगा ही। इसलिए सबसे पहले अपने मन से डर और घबराहट को निकाल फेंके। समझ सकते हैं कि ये सब इतना आसान नहीं होगा आपके लिए, मगर फिर भी कोशिश करें आप इस रात को मानसिक रूप से स्ट्राॅन्ग बनी रहें।

आप अपने मन में इस बात को बैठा लें कि इस रात आप जिनके साथ हैं, वो कोई और नहीं, बल्कि आपके जीवन साथी हैं, जिनके साथ आपने अपना पूरा जीवन बिताना है। इसलिए उनमें विश्वास रखें और उन्हें समझने का प्रयास करें। शादी के पहले के पास्ट को बिल्कुल अपने दिमाग से निकाल दें और ना इसका जिक्र इस खास रात में करें। चाहे भले ही आपके सेक्स संबंध पहले बन चुके हों, तब भी आपको घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। मैं पकड़ी गई तो..? इस डर को अपने दिल से निकाल दें।

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कैसे सजायें कमरा सुहागरात में :

नव-विवाहित पति-पत्नी के लिए सुहागरात उनकी जिंदगी की सबसे खास रात होती है। अच्छी सुहागरात के लिए सुहागकक्ष का वातावरण व माहौल भी बेहतर होना चाहिए। जिसके लिए सुहागकक्ष या कमरे की सजावट सलीके से होनी चाहिए। यानी इस रात को हसीन और रंगीन बनाने के लिए कमरे की सजावट का खूबसूरत होना आवश्यक है। कमरे में खास तरह के रंग और खुशबू का प्रयोग करें। रंग बिरंगे महकते फूलों से कमरे को सजाएं, इससे आपका मूड भी रोमांटिक होकर महकने लगेगा और आप इस रात के लिए खुद को एकदम फ्रेश और एनर्जीयुक्त महसूस करेंगे।

खूबसूरत फूलों की सजावट से भरा सुहागकक्ष नव-विवाहिज जोड़ों एक-दूसरे के करीब लाने में बहुत ममद करेगा, इसलिए ताजे गुलाब, मोगरा, रातरानी, जूही आदि फूलों से सेज सजाएं। इस खास रात के लिए स्पंज या फोम वाला बिस्तर हो तो सही रहता है। इससे आप दोनों काफी अच्छा महसूस करेंगे।

सुहागरात को हसीन और रोमांटिक बनाने के लिए कमरे की दीवारों को पे्रमालाप करते हुए पे्रमियों की तस्वीरों से सजाएं। तस्वीरों के रोमांटिक पलों को आप भी महसूस कर सकेंगे, जो आपके रिश्ते को गहराई से मजबूत करने में आपकी मदद करेगी।
इसके अतिरिक्त कैंडल जलाकर कमरे की रौनक बढ़ाएं। कैंडल की हल्की रोशनी में मध्धम-मध्धम संगीत हो, तो इस खास रात का मजा और भी दोगुना हो जाएगा।

सुहागरात में उतावलापन :

ज्यादातर स्त्री-पुरूष सुहागरात में बहुत ज्यादा उत्सुक होते हैं, उनमें संभोग के लिए इतना ज्यादा उतावलपना होता है, वे सुहागरात का असली आनंद को ही भूल जाते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि पहली बार संभोग में जल्दबाजी न करें। अपने पार्टनर को सहज करने के लिए फोरप्ले की मदद ले सकते हैं। उनके संवेदनशील अंगों पर प्यार भरा स्पर्श, उनके हार्मोन को उत्तेजित करने में आपकी सहायत करेंगे। इसके बाद भी अगर अपने साथी की ओर से पाॅजिटिव इशारा ना मिले, तो फैंटेसीज का भी मदद ले सकते हैं। अपने पार्टनर के साथ आंखों में आंखे डालकर प्यार से रोमांटिक बातें करके आप उनके सहजता का अनुभव करा सकते हैं।

सुहागरात में नशा ना करें :

सुहागरात में संभोग को अधिक आनंदमय बनाने के लिए अधिकतर लोग नशे का सहारा लेते हैं, जोकि बिल्कुल गलत है। सुहागरात केवल संभोग करने की रात नहीं है और यदि संभोग की दृष्टि से भी देखा जाये, तो इस रात को किसी भी प्रकार का नशा करना गलत है। यह रात एक-दूसरे के प्रेम के नशे में डूबने की रात होती है, एक-दूसरे की आंखों से जाम पीने की रात होती है, इसलिए बदबूदार नशा करके इस रात की खुशबू को दुर्र्गंध भरी रात ना बनने दें।

सुहागरात में सावधानी :

सुहागरात के लिए एक खास सलाह यह भी है कि इस रात संभोग से पहले कंडोम का प्रयोग करना बिल्कुल ना भूलें। इससे होगा ये कि आप मानसिकि रूप से इस बात से निश्चिंत रहेंगे, कि अनचाहा गर्भ नहीं ठहरेगा और इस रात को बेहतर तरीके से प्यार के पलों का आनंद ले पायेंगे। अगर फिर भी कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना है या फिर शादी के तुरन्त बाद माता-पिता बनने का सुख भोगना चाहते हैं, तो एक-दूसरे की इच्छा के अनुसार कंडोम का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर आपकी अरेंज्ड मैरिज है, तब तो इसका फैसला करना मुश्किल होगा। फिर भी आजकल इस विषय पर बातें करना बहुत बड़ी बात नहीं रह गयी है।

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