Kuwari Ladki Se Suhagrat

Kuwari Ladki Se Suhagrat

कुंवारी लड़की से सुहागरात!

इस टाॅपिक में किसी कुंवारी लड़की से सुहागरात में सेक्स की विधि बताई है। इसे हिंदी में कोमार्य भंग व यौन छेदन कहते हैं।

यह किसी भी लड़की के लिए उसके जीवन की बहुत ही महत्वपूर्ण व प्रिय घटना होती है, जिसे वह सम्पूर्ण वैवाहिक जीवन में मधुर यादों की तरह संजाए रखती है। यह एक ऐसा अवसर होता है, जिसकी वह तब से कल्पना कर रही होती है, जबसे उसके बदन में यौन कामुकता का जन्म होता है और वह अपने स्त्रीत्व का अनुभव करने लगती है।

Kuwari Ladki Se Suhagrat

अकसर लड़कियां अपनी शादीशुदा या अनुभवी सहेलियों से सुहागरात में होने वाली सेक्स-अनुभव की चर्चा करती हैं और यह भी देखा गया है कि ज्यादातर लड़कियां अपना पहला सेक्स अनुभव ज्यादा ही बढ़ा-चढ़ा कर ही बयान करती हैं, जिससे उनके मन पर आंच न आये।

अपनी सहेलियों की मधुर कहानियां सुनकर लड़कियों के मन में लुभावने सपनों का जन्म होना स्वाभाविक है। यह पुरूषों पर निर्भर है कि वह अपनी प्रेयसी या पत्नी के भोले व बरसों से संजाए हुए सपनों को कितना साकार कर पाते हैं या उन्हें कुचल देते हैं।

किसी लड़की का कौमार्य भंग करना पुरूष के लिए एक बहुत ही जिम्मेदारी का काम होता है। उन्हें इस मौके को उतनी ही तवज्जो देनी चाहिए, जितनी किसी पूजा को करते समय को दी जाती है। उसे(पुरूष को) लड़की के लिये यह अवसर हमेशा के लिए यादगार बनाना चाहिए। उसे इस दिशा में हर वह प्रयत्न करना चाहिए, जिससे लड़की अपना सबसे मूल्यवान उपहार उस पुरूष को देते हुए खुशी का अनुभव करे।

पुरूष के लिए यह इतना कठिन कार्य नहीं है, क्योंकि एक कुंवारी लड़की की अपेक्षाएं ज्यादा नहीं होतीं। वह यौनसुखों से अब तब अनभिज्ञ होती है और उसके मन में आकांक्षा, व्यग्रता चिंता और डर जैसे कई विचार कौंध रहे होते हैं। ऐसे में पुरूष का कत्र्तव्य बनता है कि वह अपनी पार्टनर के भावनाओं की कद्र करते हुए बड़े ही प्यार से व धीरे-धीरे उसे प्रेम की डगर पर ले जाये। ताकि वह सहजता का अनुभव करे और बार-बार अपने पुरूष पार्टनर के साथ इस डगर पर चलने को उसका जी चाहे।

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सुहागरात की तैयारी:

मर्दों और लड़कियों दोनों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी तैयारी है अपनी शारीरिक स्वच्छता व सफाई। यौन संभोग एक ऐसा मिलन है, जिसमें हमारा सम्पर्क एक-दूसरे के पूरे अंगों से होता है, तो लाज़िमी है कि हमारा पूरा शरीर एकदम साफ व स्वच्छ हो। गुप्तांगों की सफाई तो जरूरी है ही, साथ ही साथ हमारे बाकी अंग खासतौर से मुंह, जीभ और बगलें साफ होना बेहद आवश्यक है।

 बेहतर होगा अगर दोनों जने बिस्तर यानी सुहागसेज पर जाने से पहले नहा लें। लड़कियां अपनी योनी, गुदा, नाभी व स्तनों को अच्छे से धो लें और लड़कों को अपने लिंग को अच्छे से साफ करना चाहिए।

अगर लिंग खता हुआ नहीं है तो उसके सुपाड़े की परत को जांच लेना चाहिए। कई बार वहां गंदगी छिपी होती है, जा दिखती नहीं है। शरीर से कोई दुर्गन्ध नहीं आनी चाहिए। मेरी सलाह है कि शरीर पर कोई खुशबू(इत्र, सेंट, डियो इत्यादि) लगाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ साफ-सुथरा बदन ही काफी है, जिससे हमारे बदन की प्राकृतिक गंध नष्ट ना हो जाए, जो यौनाकर्षण में एक अहम भूमिका निभाती है। हां, लड़कों को अपनी उंगलियों के नाखून छोटे कर लेने चाहिए और यकीन करना चाहिए कि वे नुकीले ना हों। नाखून काटने के बाद उन्हें फाइल कर लेना चाहिए वरना अनजाने में लड़की के गुप्तांगों को ज़ख्मी कर सकते हैं।

इसके अलावा यौन संसर्ग के लिए आवश्यक है कि एक शीतल कमरा हो, जिसमें एक आरामदेह बड़ा बिस्तर हो। कमरे के साथ बाथरूम लगा हुआ हो, जिसमें ठंडे और गर्म पानी का बंदोबस्त हो। गोपनीयता और एकांत के लिए गहरे परदे और मंद रोशनी बेहतर रहेगी। बिस्तर पर तीन-चार तकिए और एक-दो तौलिए होने चाहिए।

कुछ लोगों की राय में वातावरण को रूमानी बनाने के लिए सुगंधित मोमबत्तियां और हल्का संगीत होना चाहिए। मैं इसे जरूरी नहीं समझता। अगर हो सके तो ठीक है, पर जरूरी नहीं है। मेरी राय में जब लड़का-लड़की यौन के आवेश में आ जाते हैं, तो उनकी सब इन्द्रियां सिर्फ संभोग पर केंद्रित हो जाती हैं और वातावरण की सुगंध या संगीत का अहसास उन्हें कतई नहीं होता।

संभोग के पहले पेट हल्का होना चाहिए, अतः दोनों को चाहिए संभोग से पहले भोजन हल्का करें और कच्चा प्याज-लहसुन से परहेज करें, जिससे मुंह से दुर्गन्ध ना आये। वेसे भी खाना खाने के बाद मुंह अच्छे से साफ कर लेना चाहिए। अमूमन लोग सोचते हैं कि संभोग का मजा बढ़ाने के लिए मदिरा-पान कर लेना चाहिए। पर यह ना तो जरूरी है और ना ही मैं इसकी सलाह देता हूं। मैं मदिरा-पान के खिलाफ नहीं हूं और एक-आध पैग में कोई बुराई भी नहीं है। परन्तु यौन का मजा जो पूरे होशो-हवास में ही आता है, वह नशे के आलम में कहां आ सकता है। यौन तो खुद ही सर्वोत्तम नशा है।

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फिर शराब का सहारा किस लिए? वैसे भी डाॅक्टरों का मानना है कि शराब लिंग के लिए उत्तेजक नहीं, बल्कि एक अवरोध का काम करता है। शराब के बाद पुरूष सेक्स के बारे में बातें तो बहुत कर सकता है, पर उसकी पौरूष शक्ति कमजोर हो जाती है और कई बार वह संभोग में विफल भी हो सकता है।

हां, एक और बात… अपने मोबाइल फोन बंद करना ना भूलें वरना वे ऐसे समय बजेंगे कि सारा मज़ा किरकिरा हो जायेगा।

संभोग में लें सब्र से काम और करें एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र

 पुरूष के लिए जरूरी है कि वह किसी बात के लिए जल्दबाजी न दिखाए। भले ही लड़का-लड़की पहले से एक-दूसरे को जानते हों या फिर पहली बार एकांत मिल रहे हों।

शुरूआत में दोनों को एक अजीब-सी झिझक होगी। लड़की को खासतौर से काफी संकोच और असमंजस हो सकता है। थोड़ी-थोड़ी घबराहट भी हो सकती है। कुछ मर्द भी ऐसे मौकों पर घबराहट महसूस कर सकते हैं। खासतौर से वे, जिन्हें अपना लिंग छोटा लगता हो या जिन्हें शीघ्रपतन का डर हो।

मेरी राय में दोनों को ही अपनी शंकाओं पर काबू पाने की कोशिश करनी चाहिए और प्रकृति की इस नायाब अनुभूति का आनंद उठाने का प्रयास करना चाहिए।

बेहतर होगा अगर शुरूआत बातचीत से की जाये। पुरूष को पता होना चाहिए कि सेक्स के प्रांगण में हर तरह की पहल उसे ही करनी होती है। लड़की को ऐसे मौके पर लज्जा और झिझक ही शोभा देती है। ठीक तरह से बातचीत करने के लिए भी पहले से तैयारी करना बेहतर होगा। पुरूष को चाहिए कि इस बारे में पहले से सोच ले कि क्या-क्या बात अपने पार्टनर से करनी है। वरना उस वक्त दिमाग धोखा दे सकता है, जो संभोग के समय आपकी सेक्स-क्षमता को विचलित कर सकता है।

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अकसर लड़कियों को अपने घरवालों की और खुद की तारीफ सुनना अच्छा लगता है। अगर सुहागरात शादी के बाद मनाई जा रही है तो अकसर लड़की काफी थकी हुई होती है। उसकी थकान दूर करने के लिए पुरूष उसके हाथ, कंधे, बाजू, सिर इत्यादि दबाने के बहाने उसको छू सकता है। इससे शुरू-शुरू की झिझक तोड़ने में सहायता मिलेगी और लड़की को हिम्मत भी मिलेगी।

चीरहरण

संभोग से पहले लड़की को निर्वस्त्र करना एक ऐसा अवसर है जो दोनों को उत्तेजित करने में मदद कर सकता है। इस अवसर का सही उपयोग करना चाहिए। अगर पुरूष लड़की का शरीर दबा कर उसकी थकान मिटाने में जुटा है तो वह आसानी से धीरे-धीरे उसके कपड़े इस तरह अलग कर सकता है, मानो वे उसके रास्ते में आ रहे हों। लड़की का चीर-हरण धीरे-धीरे करना चाहिए। अकसर लड़कियां ऊपरी कपड़े उतरवाने में ज्यादा संकोच नहीं करतीं, पर पहली बार किसी के सामने ब्रा व पैन्टी उतरवाने में शर्म के कारण आपत्ति कर सकती हैं।

अगर ऐसा होता है तो पुरूष को लड़की की इच्छा की कद्र करनी चाहिए और रूक जाना चाहिए। इस समय वह खुद अपने आपको निर्वस्त्र कर सकता है। कुछ लड़कियों को रोशनी में नग्न होने से संकोच होता है, तो रोशनी को हल्का कर देना चाहिए, पर बिल्कुल अंधेरा ठीक नहीं है।

हालांकि मेरा यह मानना है कि सच्चा पुरूष वही है, जो स्त्री की इच्छाओं की कद्र करे और उसकी भौतिक कमजोरी का नाजायज़ फायदा ना उठाये। पर यह भी सही है कि पुरूष को दृढ़ता से वे सब काम करने चाहिए, जोकि उचित और जरूरी हों। अगर लड़की को ज्यादा ही संकोच या आपत्ति हो तो उसे अपना हक जता कर या जरूरत हो तो थोड़ा बल इस्तेमाल करके लड़की को सही मार्ग पर लाना चाहिए। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि लड़की का बलात्कार किया जाए।

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